Connect with us

Administrative

श्रमिकों के आवागमन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी

Published

on


मंथन 24 न्यूज : झालावाड़। कोविड-19 की दूसरी लहर पर काबू पाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में 10 से 24 मई 2021 तक महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन लॉकडाउन लगाया है। इस दौरान श्रमिकों का पलायन रोकने एवं उद्योगों के संचालन की आवश्यकता देखते हुए उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों व कर्मचारियों के आवागमन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

जिला मजिस्टेªट हरि मोहन मीना ने बताया कि गाइड लाइन के अनुसार समस्त उद्योग एवं निर्माण से संबंधित इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी। प्रत्येक उद्योग व निर्माण इकाई द्वारा अपने संबंधित कार्मिक व श्रमिक के लिए एक पहचान पत्र (आईडी-कार्ड) उपलब्ध कराना होगा, जिसमें संबंधित कार्मिक व श्रमिक का नाम, फोटो, पता, मोबाइल नम्बर एवं शिफ्ट का समय अंकित हो।

प्रत्येक उद्योग व निर्माण इकाई द्वारा अपने संबंधित कार्मिक व श्रमिक को ट्रान्जिट पास उपलब्ध कराना होगा, जो कि उद्योग में काम करने की शिफ्ट के प्रारम्भ होने के समय से 1 घण्टे पहले तथा शिफ्ट खत्म होने के 1 घण्टे बाद तक वैध होगा। यह पास केवल आवागमन (घर से कार्यस्थल तथा कार्यस्थल से घर) हेतु जारी किया जाएगा। जो कि शिफ्ट के समय मान्य नहीं होगा। एक घण्टे के लिए ट्रान्जिट पास में कार्मिक व श्रमिक के घर का पता, कार्यस्थल का पता एवं उस का मार्ग का ब्यौरा जो उसके द्वारा आवागमन हेतु चुना गया है का विवरण देना अनिवार्य होगा।

उन्हें यह ट्रान्जिट पास वाहन पर आगे चिपकाकर रखना होगा ताकि आवागमन में सुविधा रहे। जहां तक संभव हो उद्योग एवं निर्माण इकाई द्वारा श्रमिकों के आवागमन हेतु स्पेशल बस का संचालन किया जाए, जिसकी सूचना ऑनलाइन वेब पोर्टल पर उपलब्ध करानी होगी।
उद्योग एवं निर्माण इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों व कार्मिकों की सूचना की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने के लिए ई-इन्टीमेशन आईडी कार्ड व वन आवर ट्रान्जिट पास की व्यवस्था की गई है, जो 12 मई से आवेदन हेतु प्रारंभ होगी। इस संबंध में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए स्टेट लेवल एण्ड डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी का गठन किया गया है।

जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी लॉकडाउन के अवधि के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि आम आदमी को विशेष परिस्थितियों (मेडिकल इमरजेंसी इत्यादि) एवं श्रमिक वर्ग को उद्योग व निर्माण इकाईयों में काम हेतु आवागमन के दौरान कठिनाईयों का सामना ना करना पड़े व उनका आवागमन सुविधाजनक रहे।

error: Content is protected !!