पुर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ली झालावाड़ जिले के तीन मण्डलों की बैठक

सांसद दुष्यंत सिंह, जिला संगठन मंत्री छगन माहुर, जिलाध्यक्ष संजय जैन ताऊ सहित तीनो मण्डलों के पदाधिकारियों ने लिया हिस्सा

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मंथन 24 न्यूज : झालावाड़ । पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से झालावाड़ की जनता के हालचाल जाने। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम आदमी को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। इस लॉकडाउन में इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह कई बार झालावाड़ की जनता से रू-ब-रू हो चुके है। मीटिंग में कार्यकर्ताओं तथा पदाधिकारियों ने जिले में आक्सीजन प्लांट तथा सेटेलाईट अस्पताल को कोविड सेंटर के रूप में प्रारंभ करवाने पर धन्यवाद दिया।

बैठक में ब्लैक फंगस पर कार्यकर्ताओं के संशय का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि हमें इसको लेकर जागरूक रहना होगा। इससे संबंधित लक्षण नजर आने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जाकर इसकी जांच करवानी होगी। वर्तमान में प्रदेश के 20 अस्पतालों में इसके इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने बताया कि यह एक ऐसी महामारी है जिसका इलाज हर जगह संभव नहीं है। इस बीमारी का ईलाज करने के लिए स्पेशलिस्ट का होना आवश्यक है। हमारे यहाँ इस प्रकार के स्पेशलिस्ट नहीं है। ऐसे में इन अस्पतालों में ही जाकर हमें इस ब्लैक फंगस बीमारी का उपचार लेना होगा। तभी हम इस बीमारी पर काबू पाने में सफल हो पायेंगे।

सरकार के द्वारा इन 20 अस्पतालों में ही इस बीमारी से संबंधित दवाओं और इंजेक्शन की व्यवस्था की गई है। इन अस्पतालों में भर्ती होने वाले ब्लैक फंगस के मरीजों की जांच की जायेगी। और आवश्यकता होने पर उनका ऑपरेशन किया जायेगा। क्योंकि यह बीमारी (ब्लैक फंगस) बहुत तेजी से बढ़ती है। ऐसे में पहले इसको ऑपरेशन के द्वारा निकाला जायेगा। उसके बाद इंजेक्शन व इसकी दवाईयां प्रारंभ की जायेगी। बिना ऑपरेशन के इसका इंजेक्शन नहीं दिया जाता।

उन्होंने तीनो मण्डलों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि ब्लैक फंगस के बारे में सभी को आवश्यक जानकारी होनी चाहिए। ब्लैक फंगस का झालावाड़ में इलाज संभव नहीं है। हमारे निकटतम हॉस्पिटल में मेडिकल कॉलेज कोटा है। जहां पर इसका इलाज होगा।

गांव के लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। गांव के लोगों में ही कोरोना के ज्यादा मरीज मिल रहें है। कई लोगों को एक दिन का बुखार आता है फिर नहीं आता तो वे उसे हल्के में ले लेते है। और यह मानते है कि उनमे कोरोना जैसे कोई लक्षण नहीं है। जबकि उन्हें बुखार आने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए, अपनी जांच करवानी चाहिए। ताकि समय रहते उसका ईलाज किया जा सके। लेकिन वे इसे नजरअंदाज कर रहें है। उसी के कारण आज हालात इतने खराब है। एक दिन बुखार आने के बाद उनमें कोई लक्षण नजर नहीं आते तो वे यह मान लेते है कि कोरोना नहीं है। लेकिन जब 8 से 10 दिन बाद स्थिति गंभीर होती है तब अस्पतालों के चक्कर लगाते है। ऐसे लोग दुसरे लोगों में भी कोरोना फैलाने का कार्य करते है। इसलिए सभी को जागरूक करना होगा।

उन्होंने साफ सफाई, बिजली, पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए झालावाड़ नगरपरिषद के सभापति संजय शुक्ला तथा वार्ड पार्षदों से बात की तथा आवश्यक निर्देश दिये। झालरापाटन नगरपालिका चैयरमैन वर्षा जैन से आवश्यक सुविधाओं को लेकर चर्चा की। साथ ही झालरापाटन नगर मण्डल अध्यक्ष महेश भटवानी, झालरापाटन ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष कालूराम पाटीदार एवं महामंत्री बालचंद राठौर से बात की।

झालरापाटन विधानसभा के तीन मंडलों झालरापाटन में नगर पालिका झालावाड़ नगर ग्रामीण की बैठक जिला प्रभारी छगन महुर जिला अध्यक्ष संजय जी जैन वरिष्ठ भाजपा नेता श्री कृष्ण जी पाटीदार श्याम जी शर्मा के सानिध्य में संपन्न हुई इस बैठक में अपेक्षित कार्यकर्ताओं की सूची भारतीय जनता पार्टी के मंडल के पदाधिकारियों नगर परिषद के सभापति नगर पालिका के चेयरमैन पाटन पंचायत समिति के प्रधान उप प्रधान शामिल थे। बैठक को भाजपा जिला महामंत्री दिलीप प्रजापति ने होस्ट किया।

प्रदेश के 20 अस्पताल जहाँ पर ब्लेक फंगस का इलाज उपलब्ध है

सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर
एसएमएम हॉस्पिटल, जयपुर
रूकमणी देवी बेनिप्रसाद जयपुरिया
राजकिय मेडिकल कॉलेज जोधपुर
एम्स जोधपुर
जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर
मेडिकल कॉलेज उदयपुर
मेडिकल कॉलेज बीकानेर
मेडिकल कॉलेज कोटा
मेडिकल कॉलेज भीलवाड़ा
मेडिकल कॉलेज, जयपुर
मेडिकल कॉलेज, उदयपुर
जैन ईएनटी अस्पताल जयपुर
नारायण ह्दयालय जयपुर
सी.के. हॉस्पिटल जयपुर
मनिपाल हॉस्पिटल जयपुर
सिद्धम ईएनटी हॉस्पिटल जयपुर
देशबंधु हॉस्पिटल जयपुर
विजय ईएनटी हॉस्पिटल अजमेर
श्रीराम हॉस्पिटल जोधपुर
वैजयन्ती हॉस्पिटल अलवर

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